टेली केयर

क्लिनिक जो चलकर मरीज़ तक जाता है

उन जगहों के लिए तीन समाधान, जहाँ तक स्वास्थ्य सेवा नहीं पहुँचती: एक स्थायी AI कियोस्क, पहियों पर चलता क्लिनिक, और एक कैरी-केस में समाया जाँच किट। प्लेटफ़ॉर्म एक, डॉक्टर वही, रिकॉर्ड वही — मरीज़ जहाँ भी हो।

भारत में जो स्वास्थ्य सेवा नहीं मिलती, उसकी कमी अस्पतालों की नहीं है — पहले मील की है: पास की कोई जगह, जहाँ जाँच हो, परीक्षण हो और छोटी परेशानी के बड़ी बनने से पहले मरीज़ किसी डॉक्टर के सामने पहुँच जाए। क्लिनिकवाला के टेली केयर समाधान उसी पहले मील के लिए बने हैं।

हर समाधान में जुड़े हुए जाँच उपकरण, स्क्रीनिंग मॉड्यूल, डॉक्टर से वीडियो परामर्श और डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर हैं। गाँव के चौक पर ली गई रीडिंग परामर्श कर रहे डॉक्टर तक उसी समय पहुँचती है, और मरीज़ के रिकॉर्ड में आगे के इलाज के लिए दर्ज रहती है।

Illustration: a ClinicWala mobile clinic deployed in a village, a health worker checking a patient’s blood pressure at the service window while villagers wait
तीन रूप

एक प्लेटफ़ॉर्म, तीन सवारियाँ

वही जाँच और परामर्श क्षमता, सड़क से दूरी के हिसाब से तीन रूपों में। हर एक का अपना पन्ना है।

जाँच में क्या-क्या

वाइटल्स से लेकर विशेष जाँच तक

कियोस्क पर 65+ जाँचें उपलब्ध हैं। ज़्यादातर 20 से 90 सेकंड में; पूरी मल्टी-पैरामीटर स्क्रीनिंग लगभग पंद्रह मिनट में। श्रेणी के हिसाब से:

वाइटल्स और शरीर संरचना

रक्तचाप, नाड़ी, SpO₂, तापमान, वज़न, BMI और शरीर संरचना के विस्तृत पैरामीटर।

हृदय

12-लीड और सिंगल-लीड ईसीजी, दिल-फेफड़ों की आवाज़ के लिए डिजिटल स्टेथोस्कोप, और लिपिड प्रोफ़ाइल।

डायबिटीज़ और मेटाबॉलिक

ब्लड ग्लूकोज़ (खाली पेट, कभी भी, खाने के बाद), HbA1c और डायबिटिक न्यूरोपैथी की जाँच।

ख़ून और किडनी के मार्कर

एनीमिया के लिए हीमोग्लोबिन और यूरिक एसिड — उँगली से एक बूँद, नतीजा उसी बैठक में।

फेफड़े

स्पाइरोमेट्री — फेफड़ों की क्षमता के पैरामीटर और व्याख्या सहायता; खनन और औद्योगिक इलाक़ों में सबसे ज़रूरी।

आँख, कान और त्वचा

दृष्टि और रंग-दृष्टि जाँच, ऑडियोमेट्री, ओटोस्कोप और डर्मास्कोप परीक्षण।

माँ और शिशु

भ्रूण की धड़कन की निगरानी और माँ के वाइटल्स — जोखिम भरे गर्भ की पहचान गाँव में ही, इमरजेंसी वार्ड में नहीं।

वेलनेस और मानसिक स्वास्थ्य

मन:स्थिति, चिंता और सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता का निर्देशित आकलन।

पेशाब और रैपिड जाँच

यूरिन एनालिसिस और आम संक्रमणों की रैपिड जाँच — जुड़े उपकरणों पर निर्भर।

पोषण, मौक़े पर नापा हुआ

कियोस्क के साथ क्लिनिकवाला का AI कुपोषण आकलन उपकरण चलता है: MUAC, घेरे, BMI और शरीर संरचना सेकंडों में डिजिटल दर्ज, WHO/ICMR के वयस्क मानकों पर परखे, और फ़ॉलो-अप सुझावों के साथ संरचित रिपोर्ट। अल्पपोषण और पेट का मोटापा — दोनों दिखते हैं, संकट बनने से पहले।

कुपोषण आकलन उपकरण देखिए

यह सूची किस पर निर्भर है

कौन-सी जाँच उपलब्ध होगी, यह उस इकाई से जुड़े जाँच उपकरणों और लागू नियामक शर्तों पर निर्भर करता है। स्क्रीनिंग के नतीजे पंजीकृत चिकित्सक की जाँच और निदान का सहारा हैं, विकल्प नहीं।

आख़िरी मील के लिए

यह वहाँ क्यों चलता है, जहाँ क्लिनिक नहीं चलते

घर-द्वार तक

इकाई चलती है, मरीज़ नहीं। न बस का किराया, न दिन भर की मज़दूरी का नुक़सान, न टालने का कोई बहाना।

प्रशिक्षित संचालक, दूर बैठा डॉक्टर

उपकरण स्थानीय स्टाफ़ चलाता है; योग्य डॉक्टर वीडियो पर परामर्श करते हैं — लाइव रीडिंग आँखों के सामने।

अंदाज़ा नहीं, सबूत

डॉक्टर ईसीजी देखता है, स्टेथोस्कोप सुनता है और आँकड़े पढ़ता है — फ़ोन पर सुनी बातों की जगह सबूत पर फ़ैसला।

टिकने वाले रिकॉर्ड

हर स्क्रीनिंग मरीज़ के अपने हेल्थ रिकॉर्ड में दर्ज होती है, चाहें तो ABHA से जुड़कर — शिविर इलाज की निरंतरता बन जाते हैं।

रिपोर्ट जो पहुँचती है

समरी और रिपोर्ट डिजिटल मिलती हैं, व्हाट्सएप समेत — वही ज़रिया जो गाँव-देहात सचमुच इस्तेमाल करता है।

कौन लगवाता है

इकाई को काम पर लगाइए

ये इकाइयाँ साझेदारों और फंड देने वालों के स्क्रीनिंग कार्यक्रमों के ज़रिये तैनात होती हैं।

स्क्रीनिंग कार्यक्रम की योजना बना रहे हैं?

ज़िला, आबादी और लक्ष्य बताइए — हम बताएँगे कि कौन-सी इकाई ठीक बैठेगी और उसे चलाने में क्या लगेगा।

हमसे बात कीजिए