मरीज़ के सारे हेल्थ रिकार्ड जैसे महत्वपूर्ण मानदंड, प्रिसक्रिप्शन, जाँच रिपोर्ट, परेशानी, व्यक्तिगत और पारिवारिक हिस्ट्री आदि हमारे ईएचआर में सुरक्षित रहते हैं। कोई मरीज़ या उनका डॉक्टर ये सारे हेल्थ रिकार्ड हमारे एप्लिकेशन से किसी भी समय देख सकते हैं। इसके लिए उन्हें सिर्फ़ अपना मोबाइल नंबर डालना होगा, फिर तुरंत एक ओटीपी जाएगा, जिससे सारे हेल्थ रिकार्ड हासिल किए जा सकें।
आम तौर से कोई पेशेंट अपने पुराने पुर्जे और जाँच रिपोर्ट खो देता है, जिससे उसे अनावश्यक रूप से वही टेस्ट फिर कराना पड़ता है। जबकि पुराने हेल्थ रिकार्ड मौजूद हों, तो डॉक्टर ज़्यादा सही ढंग से मरीज़ का इलाज कर पाने में सक्षम होते हैं।

रिकॉर्ड क्लिनिकवाला पर क्यों
सब कुछ एक साथ
वाइटल्स, पर्चे, जाँच रिपोर्ट, परेशानियाँ और व्यक्तिगत व पारिवारिक हिस्ट्री — एक ही क्रम में।
ओटीपी से खुलता है
आपका मोबाइल नंबर ही चाबी है। न पासवर्ड याद रखना, न कोई कार्ड साथ रखना।
वही जाँच दोबारा कम
पुरानी रिपोर्ट मिलती रहती है, इसलिए जाँच तभी दोहराई जाती है जब डॉक्टर उसे ज़रूरी समझें — इसलिए नहीं कि पुर्जा खो गया।
बेहतर परामर्श
डॉक्टर सवाल से पहले हिस्ट्री देख लेते हैं — बात वहीं से आगे शुरू होती है।
आभा से जुड़ाव
आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट जोड़िए, और रिकॉर्ड हमारे नेटवर्क के बाहर भी आपके साथ चले।
अपने आप बनता है
क्लिनिकवाला का हर परामर्श, पर्चा और जाँच रिपोर्ट अपने आप रिकॉर्ड में जुड़ जाती है।
साझा करना आपके हाथ
आपकी सेहत, आपका नियंत्रण, आपकी मर्ज़ी: जानकारी सिर्फ़ अधिकृत स्वास्थ्य प्रदाताओं तक, आपकी सहमति से पहुँचती है — और क्या साझा हुआ, यह आप देख सकते हैं।
रिकॉर्ड कैसे काम करता है
- 01
मोबाइल नंबर डालिए
वेबसाइट या ऐप पर — वही नंबर आपके रिकॉर्ड की पहचान है।
- 02
ओटीपी डालिए
ओटीपी तुरंत आता है। बस इतना ही लॉग-इन है।
- 03
रिकॉर्ड अपने आप बनता है
परामर्श, ई-पर्चे, जाँच रिपोर्ट और वाइटल्स जैसे-जैसे होते हैं, जुड़ते जाते हैं।
- 04
ज़रूरत पर दिखाइए
किसी भी डॉक्टर को — हमारे नेटवर्क में हों या बाहर — या आभा से जोड़ दीजिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अपना हेल्थ रिकॉर्ड कैसे खोलें?
क्लिनिकवाला की वेबसाइट या ऐप पर अपना मोबाइल नंबर डालिए। उसी नंबर पर तुरंत ओटीपी आता है, और डालते ही आपका पूरा हेल्थ रिकॉर्ड खुल जाता है — वाइटल्स, पर्चे, रिपोर्ट और हिस्ट्री।
मेरा रिकॉर्ड कौन देख सकता है?
रिकॉर्ड आपके मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी से खुलता है, इसलिए वह आपके लिए और जिस डॉक्टर से आप परामर्श ले रहे हैं, उनके लिए खुलता है। नेटवर्क के बाहर किसी डॉक्टर को दिखाना हो, तो आप ख़ुद साझा करते हैं।
पुराने काग़ज़ी पुर्जों और रिपोर्ट का क्या?
क्लिनिकवाला के भीतर बनी हर चीज़ — परामर्श, ई-पर्चे और जाँचवाला की रिपोर्ट — अपने आप जुड़ जाती है। पुरानी काग़ज़ी रिपोर्ट भी उसी रिकॉर्ड में जोड़ी जा सकती हैं, ताकि हिस्ट्री एक ही जगह पूरी रहे।
आभा क्या है, और क्या जोड़ना चाहिए?
आभा यानी आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट, सरकार की राष्ट्रीय स्वास्थ्य पहचान है। इसे जोड़ने पर आपके क्लिनिकवाला पर्चे और रिपोर्ट उस रिकॉर्ड का हिस्सा बन जाते हैं, जिसे भारत के दूसरे अस्पताल और क्लिनिक भी पहचानते हैं। यह वैकल्पिक है — रिकॉर्ड दोनों तरह काम करता है।
क्या परिवार के रिकॉर्ड भी रख सकते हैं?
जी हाँ। परिवार के सदस्यों के रिकॉर्ड आपके अपने रिकॉर्ड के साथ रखे जा सकते हैं — ज़्यादातर घरों में इसका इस्तेमाल इसी तरह होता है: माता-पिता की रिपोर्ट और बच्चों के पर्चे, सब एक ही जगह।
डॉक्टर या अस्पताल से ठीक-ठीक क्या-क्या साझा कर सकते हैं?
जो स्थिति माँगे: ABHA से जुड़े हेल्थ रिकॉर्ड, कियोस्क की जाँच के नतीजे, लैब रिपोर्ट, चल रही दवाएँ, पुरानी मेडिकल जानकारी, ऑपरेशन की हिस्ट्री, स्वास्थ्य दस्तावेज़ और रिकॉर्ड की अन्य प्रासंगिक चीज़ें। साझा करना चीज़-दर-चीज़ और प्रदाता-दर-प्रदाता होता है — क्या और किससे, दोनों आप चुनते हैं।
मेरी जानकारी कैसे सुरक्षित रहती है?
रिकॉर्ड नियंत्रित साझेदारी के लिए बना है: एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन डेटा को सुरक्षित रखता है, पहुँच सिर्फ़ सत्यापित स्वास्थ्य प्रदाताओं को दी जा सकती है, हर साझेदारी आपकी सहमति से होती है, और पहुँच व साझेदारी का इतिहास आपको दिखता रहता है। प्लेटफ़ॉर्म राष्ट्रीय स्वास्थ्य मानकों के साथ चलने के लिए बना है — सुरक्षा, साथ चलने की क़ीमत पर नहीं।