जब ऑपरेशन की सलाह मिलती है, तब ज़्यादातर परिवारों के हाथ में सिर्फ़ फ़ैसला होता है — न दूसरी राय, न खर्च का साफ़ अंदाज़ा, और न कोई जिससे पूछा जा सके। क्लिनिकवाला इसी जगह काम आता है: पहले विशेषज्ञ परामर्श, जिससे यह तय हो कि ऑपरेशन ज़रूरी है भी या नहीं, और ज़रूरी हो तो पूरी व्यवस्था।
नीचे वे बीमारियाँ हैं, जिनके बारे में हमसे सबसे ज़्यादा पूछा जाता है — वज़न घटाने की सर्जरी से लेकर गुर्दे की पथरी तक। हर एक की शुरुआत एक ही तरह होती है: बातचीत से, भर्ती के फ़ॉर्म से नहीं।

जिन बीमारियों में सबसे ज़्यादा
वे बारह प्रक्रियाएँ, जिनके बारे में परिवार हमसे सबसे ज़्यादा पूछते हैं। आपकी बीमारी इस सूची में न हो, तब भी पूछिए — विशेषज्ञों का नेटवर्क सूची से बड़ा है।
वज़न घटाने की सर्जरी
मोटापे से जूझ रहे लोगों के लिए बेरिएट्रिक प्रक्रियाएँ — सेहत के लिए ठोस और टिकाऊ वज़न घटाना।
अपेंडिक्स
एपेंडिसाइटिस — पेट के निचले दाएँ हिस्से में रुकावट से सूजा हुआ अपेंडिक्स, जिसका इलाज आमतौर पर समय रहते ऑपरेशन से होता है।
पित्ताशय
यकृत के नीचे पित्त जमा करने वाला छोटा अंग। पथरी रास्ता रोक दे, तो पित्ताशय निकालना ही स्थापित इलाज है।
कूल्हे का दर्द
क्षतिग्रस्त कूल्हे के जोड़ की जगह कृत्रिम जोड़ — आम तौर पर सुरक्षित और असरदार, पर पहले पूरी जानकारी ज़रूरी।
स्त्री रोग
गर्भाशय, अंडाशय, फैलोपियन ट्यूब, गर्भाशय ग्रीवा और योनि से जुड़ी समस्याएँ — सामान्य से लेकर जटिल सर्जिकल स्थितियों तक।
मूत्र रोग
महिलाओं और पुरुषों की मूत्र प्रणाली — और पुरुष प्रजनन प्रणाली — से जुड़ी सर्जिकल प्रक्रियाएँ।
आँखों के रोग
कॉर्निया, लेंस, रेटिना और ऑप्टिक तंत्रिका की बीमारियाँ — हल्की तकलीफ़ से लेकर दृष्टि के ख़तरे तक।
चेहरे संबंधी रोग
चेहरे की बनावट, काम या रूप को प्रभावित करने वाली स्थितियाँ — त्वचा, मांसपेशी, हड्डी और संवेदी अंग।
नाक की एलर्जी
नाक की अंदरूनी सूजन — बहती या बंद नाक, छींकें और खुजली, अक्सर एलर्जी की वजह से।
टॉन्सिल
गले के पीछे प्रतिरक्षा ऊतक की दो गाँठें — संक्रमण बार-बार लौटे, तो इन्हें निकालना ही रास्ता बनता है।
बवासीर
मलाशय या गुदा के आसपास सूजी हुई रक्त वाहिकाएँ, अंदरूनी या बाहरी — टिक जाएँ तो ऑपरेशन से इलाज।
गुर्दे की पथरी
गुर्दे में बनने वाली ठोस क्रिस्टलीय गाँठें। छोटी अपने आप निकल जाती हैं; बड़ी के लिए प्रक्रिया चाहिए।
ऑपरेशन की तैयारी क्लिनिकवाला से क्यों
सचमुच की दूसरी राय
विशेषज्ञ पूरा मामला देखते हैं — यह भी कि ऑपरेशन ज़रूरी है या नहीं।
खर्च पहले से
तारीख़ तय करने से पहले जानिए कि आर्थिक रूप से इसमें क्या-क्या लगेगा।
एक ही ज़िम्मेदार व्यक्ति
अस्पताल, भर्ती और काग़ज़ी काम शुरू से आख़िर तक एक ही व्यक्ति संभालता है।
रिकॉर्ड साथ चलता है
रिपोर्ट और हिस्ट्री परामर्श से पहले सर्जन तक पहुँचती है, उसी दिन नहीं।
जाँच पास ही में
ऑपरेशन से पहले की जाँचें पास के ई-क्लिनिक या लैब में, दूर शहर में नहीं।
फ़ॉलो-अप में साथ
ऑपरेशन के बाद का फ़ॉलो-अप अस्पताल संभालता है; जहाँ वीडियो फ़ॉलो-अप उपलब्ध हो, वहाँ हमारी टीम उसे अपने ही शहर से लेने में मदद करती है।
ऑपरेशन की तैयारी कैसे होती है
- 01
बीमारी बताइए
अब तक जो सलाह मिली है और जो रिपोर्ट आपके पास हैं, वे साझा कीजिए।
- 02
विशेषज्ञ की राय
सर्जन वीडियो पर पूरा मामला देखकर बताते हैं कि सचमुच क्या ज़रूरी है।
- 03
योजना और खर्च
अस्पताल, प्रक्रिया, कितने दिन रुकना और कुल खर्च — बुकिंग से पहले सामने।
- 04
भर्ती और फ़ॉलो-अप
भर्ती की व्यवस्था समन्वयक करते हैं; फ़ॉलो-अप की योजना अस्पताल बनाता है, और हमारी टीम मदद के लिए साथ रहती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या ऑपरेशन क्लिनिकवाला करता है?
नहीं। ऑपरेशन अस्पताल में सर्जन करते हैं, और चिकित्सकीय फ़ॉलो-अप अस्पताल संभालता है। क्लिनिकवाला आपको विशेषज्ञ की राय दिलाता है, अस्पताल की व्यवस्था करता है, भर्ती व रिकॉर्ड का समन्वय करता है, और फ़ॉलो-अप में आपकी मदद करता है।
कहीं और से ऑपरेशन की सलाह मिल चुकी है, क्या उस पर राय ले सकते हैं?
जी हाँ, और यही सबसे काम की चीज़ है। जो सलाह और रिपोर्ट आपके पास हैं, वे लाइए; विशेषज्ञ उन्हें देखकर बताएँगे कि प्रक्रिया ज़रूरी है या नहीं, और कोई कम कष्टदायक विकल्प है या नहीं।
खर्च कितना आएगा?
अस्पताल और सर्जन अपना शुल्क ख़ुद तय करते हैं, और कुल खर्च प्रक्रिया, अस्पताल और भर्ती की अवधि पर निर्भर करता है। इस तरह तैयारी करने का मक़सद ही यह है कि खर्च आपको पहले पता चले, बाद में नहीं।
मेरी बीमारी सूची में नहीं है। तब?
फिर भी पूछिए। सूची में वही बीमारियाँ हैं, जिनके बारे में सबसे ज़्यादा पूछा जाता है — विशेषज्ञों का नेटवर्क उतने तक सीमित नहीं है।
ऑपरेशन से पहले की जाँचें कहाँ होंगी?
जो आपके सबसे पास हो — क्लिनिकवाला ई-क्लिनिक, कलेक्शन सेंटर, या जहाँ उपलब्ध हो वहाँ घर से सैंपल कलेक्शन। रिपोर्ट आपके हेल्थ रिकॉर्ड के ज़रिये सर्जन तक पहुँच जाती है।