स्मार्ट उपकरण

फेफड़ों की जाँच, एक साँस में

अस्थमा जैसी बीमारियों का प्रबंधन अंदाज़े से नहीं, आँकड़ों से होता है। ई-क्लिनिक का स्पाइरोमीटर पीक फ़्लो, FEV1 और रक्त-ऑक्सीजन रियल टाइम में मापता है और नतीजा वहाँ सहेजता है जहाँ आपका डॉक्टर पूरा रुझान देख सके।

फेफड़ों की बीमारी का प्रबंधन माप पर टिका है। अस्थमा, सिस्टिक फाइब्रोसिस और साँस की दूसरी तकलीफ़ों में फेफड़ों की नियमित जाँच ज़रूरी है — और एक अकेली रीडिंग का मतलब तभी है जब उसकी तुलना पिछली रीडिंग से हो सके।

क्लिनिकवाला ई-क्लिनिक का स्पाइरोमीटर पीक फ़्लो और FEV1 रियल टाइम में मापता है, और पल्स ऑक्सीमेट्री इसी उपकरण में शामिल है। यह 5 से 93 वर्ष तक के मरीज़ों के काम आता है, और हर नतीजा क्लिनिकवाला हेल्थ रिकॉर्ड में सहेजा जाता है ताकि डॉक्टर पूरा रुझान देख सके।

Spirometer supplied with the ClinicWala e-clinic kit
विशेषताएँ

उपकरण क्या करता है

पीक फ़्लो और FEV1

फेफड़ों की जाँच के दो मानक आँकड़े — रियल टाइम में मापे जाते हैं और तुरंत जुड़े हुए स्मार्टफ़ोन या टैबलेट पर दिखते हैं।

पल्स ऑक्सीमेट्री साथ में

यही उपकरण मापता है कि रक्त का कितना हीमोग्लोबिन ऑक्सीजन ले जा रहा है — यह आँकड़ा रक्तचाप जितना ही महत्वपूर्ण है।

5 से 93 वर्ष तक

एक ही यंत्र से बच्चों, बड़ों और बुज़ुर्गों — सबकी जाँच होती है।

ब्लूटूथ से रिकॉर्ड तक

नतीजे वायरलेस तरीक़े से मरीज़ के क्लिनिकवाला रिकॉर्ड में सहेजे जाते हैं और परामर्श कर रहे डॉक्टर से साझा हो जाते हैं।

जेब में, मानकों पर खरा

जेब में समा जाता है, चलाना आसान है, और ATS/ERS 2019 मानक के अनुरूप है।

लाभ

यह क्यों ज़रूरी है

श्वसन देखभाल का मार्गदर्शक

स्पाइरोमेट्री बताती है कि श्वसन तंत्र सामान्य काम कर रहा है या नहीं — अस्थमा, सिस्टिक फाइब्रोसिस और फेफड़ों की दूसरी बीमारियों पर नज़र रखने, बचाव की देखभाल और खेल-प्रदर्शन मापने की बुनियादी जाँच।

ऑक्सीजन की समय रहते चेतावनी

पल्स ऑक्सीमेट्री रक्त में ऑक्सीजन संतृप्ति मापती है; 95% से नीचे का स्तर तत्काल चिकित्सा ध्यान की चेतावनी हो सकता है।

आगे का रास्ता

रीडिंग आगे कहाँ जाती है