उच्च रक्तचाप चुपचाप बढ़ता है और अक्सर देर से पकड़ में आता है। इसका एक ही भरोसेमंद बचाव है — नियमित जाँच। और नियमित जाँच तभी काम की है जब रीडिंग सटीक हो और नतीजे कहीं ऐसी जगह दर्ज हों जहाँ डॉक्टर समय के साथ उनकी तुलना कर सके।
क्लिनिकवाला ई-क्लिनिक का बीपी मॉनिटर दोनों काम करता है: बिना अंदाज़े की डिजिटल रीडिंग, जो लेते ही आपके क्लिनिकवाला हेल्थ रिकॉर्ड में सुरक्षित हो जाती है।

उपकरण क्या करता है
डिजिटल सटीकता
स्वचालित डिजिटल रीडिंग से वह चूक नहीं रहती जो हाथ के कफ और स्टेथोस्कोप से हो सकती है।
चलाना आसान
साफ़ डिस्प्ले और एक बटन — किसी भी उम्र के मरीज़ और हर ई-क्लिनिक संचालक के लिए सरल।
रीडिंग की मेमोरी
पिछली रीडिंग सहेजी जाती हैं, ताकि डॉक्टर एक अकेला आँकड़ा नहीं, हर मुलाक़ात का रुझान देखे।
अनियमित धड़कन की पहचान
जाँच के दौरान अनियमित नब्ज़ का संकेत भी मिलता है — सिर्फ़ दबाव नहीं, दिल की सेहत की पूरी तस्वीर।
यह क्यों ज़रूरी है
समय रहते पता
नियमित जाँच बढ़ते दबाव या अनियमित धड़कन को आपात स्थिति बनने से पहले पकड़ लेती है।
पर्ची नहीं, रिकॉर्ड
रीडिंग आपके क्लिनिकवाला हेल्थ रिकॉर्ड में दर्ज होती है और अगले परामर्श में डॉक्टर से साझा हो जाती है।
जब सुविधा हो, तब जाँच
ई-क्लिनिक आइए और रक्तचाप नपवा लीजिए — सिर्फ़ रीडिंग के लिए अपॉइंटमेंट की ज़रूरत नहीं।
मन की तसल्ली
परिवार में उच्च रक्तचाप या हृदय रोग का इतिहास हो, तो अपने आँकड़े जानना अटकलों से बेहतर है।
जाँच, चरण दर चरण
- 01
कफ लगाइए
कफ ऊपरी बांह पर बाँधा जाता है, जैसा संचालक बताए।
- 02
जाँच शुरू कीजिए
एक बटन से कफ फूलता है, फिर धीरे-धीरे दबाव छोड़ते हुए मॉनिटर माप लेता है।
- 03
नतीजा देखिए
सिस्टोलिक, डायस्टोलिक और नब्ज़ डिस्प्ले पर दिखते हैं, और उपकरण उन्हें सहेज लेता है।
- 04
रिकॉर्ड में सहेजिए
रीडिंग क्लिनिकवाला ऐप से जुड़ जाती है — आप और आपका डॉक्टर सिर्फ़ आज का आँकड़ा नहीं, पूरा रुझान देखते हैं।
प्रमाणन
निर्माता के अनुसार यह उपकरण FDA, CE प्रमाणित है।
उपकरण परखते समय फ्रैंचाइज़ी टीम से वर्तमान प्रमाणपत्र माँग लीजिए।