स्मार्ट उपकरण

नसों का नुक़सान, समय रहते पकड़ में

डायबिटिक न्यूरोपैथी पैरों की संवेदना इतने धीरे-धीरे छीनती है कि मरीज़ को पता ही नहीं चलता। ई-क्लिनिक का बायोथेसियोमीटर नापकर बताता है कि कितनी संवेदना बची है — एक वस्तुनिष्ठ आँकड़ा, हर मुलाक़ात पर दर्ज।

बायोथेसियोमीटर कंपन-संवेदना की सीमा (वीपीटी) मापता है — यानी कंपन कितना तेज़ हो, तब जाकर मरीज़ उसे महसूस करे। बढ़ती हुई सीमा नसों के नुक़सान का सबसे शुरुआती मापने-योग्य संकेतों में से एक है — ख़ासकर उस डायबिटिक न्यूरोपैथी का, जो चुपचाप पैरों को सुन्न करती जाती है।

क्लिनिकवाला ई-क्लिनिक का यह हैंडहेल्ड उपकरण जाँच को तेज़ और वस्तुनिष्ठ बनाता है, और हर रीडिंग मरीज़ के क्लिनिकवाला हेल्थ रिकॉर्ड में दर्ज होती है — डॉक्टर आज पैर कैसे लग रहे हैं इस पर नहीं, हर मुलाक़ात के आँकड़ों के रुझान पर नज़र रखता है।

Biothesiometer supplied with the ClinicWala e-clinic kit
उपयोग

ई-क्लिनिक में कहाँ काम आता है

डायबिटिक न्यूरोपैथी

मधुमेह के कई मरीज़ों के पैरों की संवेदना धीरे-धीरे कम होती जाती है। वीपीटी पर नज़र रखने से यह बदलाव शुरुआत में ही पकड़ में आ जाता है, जब इलाज के रास्ते आसान होते हैं।

तंत्रिका संबंधी मूल्यांकन

वीपीटी की माप मल्टीपल स्केलेरोसिस और परिधीय न्यूरोपैथी समेत कई तंत्रिका संबंधी स्थितियों के आकलन में काम आती है।

दूर से फ़ॉलो-अप

दर्ज की गई वीपीटी रीडिंग टेलीमेडिसिन परामर्श के दौरान साझा और समीक्षा की जा सकती हैं — लंबी चलने वाली तंत्रिका संबंधी स्थितियों का फ़ॉलो-अप हर बार क्लिनिक जाए बिना हो जाता है।

विशेषताएँ

उपकरण क्या करता है

पोर्टेबल और हैंडहेल्ड

इतना हल्का कि वीपीटी जाँच कहीं भी हो सके — ई-क्लिनिक के काउंटर पर या घर के दौरे में।

सटीक वीपीटी माप

संवेदना-सीमा के छोटे-से-छोटे बदलाव भी पकड़ता है, ताकि नसों की सेहत में गिरावट लक्षणों से पहले दिख जाए।

चलाना आसान

साफ़-सुथरा इंटरफ़ेस — चिकित्सक आसानी से चलाते हैं और मरीज़ों को भी इस्तेमाल सिखाया जा सकता है।

डेटा रिकॉर्डिंग

वीपीटी के आँकड़े समय के साथ दर्ज और ट्रैक होते हैं, जिससे मरीज़ की तंत्रिका सेहत की पूरी प्रोफ़ाइल बनती है।

लाभ

यह क्यों ज़रूरी है

समय रहते पता

न्यूरोपैथी और अन्य तंत्रिका संबंधी स्थितियाँ शुरुआत में ही पहचानी जाती हैं, जब इलाज और प्रबंधन सबसे कारगर होते हैं।

वस्तुनिष्ठ आँकड़े

अंदाज़ा नहीं, नापी हुई संवेदना-सीमा — डॉक्टर आँकड़ों पर फ़ैसला लेते हैं, और आँकड़े क्लिनिकवाला हेल्थ रिकॉर्ड में सुरक्षित रहते हैं।

समय पर हस्तक्षेप

बढ़ती न्यूरोपैथी के पहले संकेत तुरंत दिखते हैं और उन पर कार्रवाई होती है — लक्षण घटते हैं, जटिलताएँ टलती हैं।

क्लिनिक के चक्कर कम

टेलीमेडिसिन से वीपीटी की समीक्षा दूर से हो जाती है, इसलिए नियमित फ़ॉलो-अप के लिए हर बार यात्रा नहीं करनी पड़ती।

प्रमाणन

निर्माता के अनुसार यह उपकरण CE, ISO प्रमाणित है।

उपकरण परखते समय फ्रैंचाइज़ी टीम से वर्तमान प्रमाणपत्र माँग लीजिए।

आगे का रास्ता

रीडिंग आगे कहाँ जाती है