डाइट आरएक्स
अतिगलग्रंथिता में आहार
यह स्थिति थायरॉयड ग्रंथि द्वारा थायरोक्सिन के अधिक स्राव के कारण होती है। इससे शरीर का मेटाबॉलिज्म तेज हो जाता है। रोगी को आमतौर पर सांस लेने में परेशानी, तेज या अनियमित दिल की धड़कन, अनजाने में वजन कम होना, मिजाज में बदलाव और पसीना आने का अनुभव होता है।
खुलकर खाइए 59 चीज़ें
इस स्थिति में फ़ायदेमंद चीज़ें — भोजन इन्हीं के इर्द-गिर्द रखिए।
अंडा और अंडा उत्पाद
- अंडे सा सफेद हिस्सा
अनाज और बाजरा
- बाजरा
- जौ
- भूरे रंग के चावल
- मकई के दाने
- ओट्स (जेई)
- चोकरयुक्त गेहूं
- गेहूं का आटा
अनाज फलियां
- फलियां
- काले सेम
- चने
- दाल
- गुलाबी दाल (मसूर दाल)
- सफेद बीन्स
- अनाज की रोटी
अन्य सब्जियां
- टमाटर
कई तरह का
- अदरक की चाय
- शहद
जड़ें और कंद
- बांस की शाखा
- गाजर
- आलू
दूध के उत्पाद
- छाछ
- पनीर
- दही
- भारतीय पनीर
- लस्सी
- स्किम्ड मिल्क
- दही
पशु मांस
- भेड़
- अंग मांस
फल
- सेब
- केला
- अंगूर
- नींबू
- संतरा
- पपीता
- अनार
मरीन मछली
- सामन (रावस)
- झींगा
- टूना
मशरूम
- मशरूम
मसालों और ताजा-मसाले
- धनिया
मसालों और सूखे मसाले
- चिया बीज
- सौंफ
- अलसी
मेवे और तिलहन
- बादाम
- रुचिरा तेल
- काजू
- नारियल का तेल
- अलसी का तेल
- जैतून का तेल
- कद्दू के बीज
- राइस ब्रान ऑइल
- कुसुम का तेल
- तिल का तेल
- सूरजमुखी का तेल
- अखरोट
शर्करा
- गुड़
हरे पत्ते वाली सब्जियां
- शतावरी (सतावर)
सीमित मात्रा में 10 चीज़ें
कभी-कभार ठीक है; मात्रा और बारंबारता पर नज़र रखिए।
अन्य सब्जियां
- ब्रॉकली
कई तरह का
- कॉफ़ी
- हरी चाय
जड़ें और कंद
- शकरकंद
फल
- आडू
- नाशपाती
- स्ट्रॉबेरी
हरे पत्ते वाली सब्जियां
- पत्तागोभी
- गोभी के पत्ते
- पालक
बचना बेहतर 29 चीज़ें
ये चीज़ें अक्सर इस स्थिति को बढ़ा देती हैं।
अंडा और अंडा उत्पाद
- अंडे की जर्दी
अनाज और बाजरा
- राई
- सोया बीन
अनाज फलियां
- अंकुरित
अन्य सब्जियां
- चुकंदर
- अजवाइन (अजमोद)
- खीरा
- गार्डन क्रेस सीड
- कद्दू
कई तरह का
- पास्ता
- अचार
- सोया दूध
- मीठा पेय
- टोफू (पनीर)
- सफ़ेद ब्रेड
जड़ें और कंद
- शलजम
दूध के उत्पाद
- आइसक्रीम
- वसायुक्त दूध
पशु मांस
- बेकन
- मुलायम मांस
- लाल मांस
फल
- किशमिश
मुर्गी पालन
- मुर्गी
समुद्री शंख
- कस्तूरा
हरे पत्ते वाली सब्जियां
- ब्रसल स्प्राउट
- फूलगोभी
- सलाद पत्ता
- सरसों (राई)
- अजमोद
यह एक स्थिति के लिए सामान्य आहार मार्गदर्शन है — न कोई नुस्ख़ा, न आपका निजी डाइट प्लान। आपके लिए सही क्या है, यह आपकी सेहत, दवाओं और रिपोर्टों पर निर्भर करता है — बदलाव डॉक्टर या डाइटीशियन से पूछकर कीजिए।